जगन्नाथ चक्का नैन नीलाचल वारे
जगन्नाथ चक्का नैन नीलाचल वारे
जगन्नाथ, जगन्नाथ, चका नैन, चका नैन
नीलाचल वारे
तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले
तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले
मेरी ये नैया है अब तो तेरे हवाले
तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले
जगन्नाथ...
तुझे छोड़ जाऊं मैं अब किस-किसके द्वारे,
तुझे छोड़ जाऊं मैं अब किस-किसके द्वारे
नीलाचल वारे,
तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले
तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले
जगन्नाथ...
जगन्नाथ स्वामी मेरे नैन के तारे,
मेरे सारे काज स्वामी आप ही संवारे
तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले
नीलाचल वारे,
तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले
जगन्नाथ...
शरण तेरी पड़ा रहूं दास बनाले,
तेरी ही सेवा करूं जो चाहे कराले
तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले
नीलाचल वारे,
तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले
जगन्नाथ स्वामी की जय! 🙏
🎵 जगन्नाथ भजन – भजन सुनें
🙏 भजन का भाव
इस भक्तिमय भजन में भक्त भगवान जगन्नाथ स्वामी के प्रति अपनी पूर्ण श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करता है। भक्त कहता है कि उसकी जीवन रूपी नैया अब भगवान जगन्नाथ के हवाले है। यदि प्रभु ही उसे नहीं संभालेंगे, तो उसे कौन संभालेगा। यह भजन भगवान पर अटूट विश्वास और उनकी शरण में रहने की भावना को दर्शाता है।
🌸 भजन से मिलने वाली सीख
भगवान पर विश्वास रखना और कठिन समय में भी उनकी शरण में बने रहना ही सच्ची भक्ति है। जब मनुष्य अपने सभी चिंताओं को प्रभु को सौंप देता है, तब उसके मन को शांति और विश्वास प्राप्त होता है।